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मातंगिनी हाजरा की स्मृति में शुभेंदु अधिकारी ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी और वीरांगना मातंगिनी हाजरा की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने समाज माध्यम पर पोस्ट कर कहा, “गांधी बुढ़ी, शहीद वीरांगना मातंगिनी हाजरा के आत्मबलिदान दिवस पर सश्रद्ध प्रणाम।”
मातंगिनी हाजरा को ‘गांधी बुढ़ी’ के नाम से जाना जाता था। उनका जन्म 19 अक्टूबर 1870 को तत्कालीन मेदिनीपुर जिले के तमलुक क्षेत्र के होगला गांव में हुआ था। वह स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुईं और ब्रिटिश शासन के विरोध में कई आंदोलनों में हिस्सा लिया।
29 सितंबर 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तामलुक में निकाले गए एक जुलूस में मातंगिनी हाजरा भी शामिल थीं। पुलिस की गोलीबारी में वह बलिदान हो गईं। गोली लगने के बाद भी उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को थामे रखा और देशभक्ति के नारे लगाती रहीं।
मातंगिनी हाजरा का बलिदान बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनकी स्मृति में तमलुक सहित विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और उनके नाम पर शिक्षण संस्थानों तथा सड़कों का नामकरण किया गया है।





